🦎 जानवर ऐसे सुनते हैं
छिपकली (गेको) कैसे सुनता है?
Gekko gecko
छिपकलियों में सबसे अच्छे कान, ठीक अपनी ही पुकार पर सधे हुए।
संक्षेप में
छिपकली (गेको) लगभग 100 Hz से 5 kHz तक सुनता है, और सबसे अच्छा 1 kHz के आसपास पकड़ता है। Animal Ears से आप अपनी कोई भी आवाज़ लेकर ठीक वैसे सुन सकते हैं जैसे वह सुनता है।
टोके छिपकली के कान छिपकलियों की दुनिया के सबसे बारीक कानों में से हैं: 100 से 5,000 Hz तक, और सबसे अच्छा बिंदु 1,000 Hz पर। वह आपकी ऊँची आवाज़ों के आसपास भी नहीं फटकती, पर उसे ज़रूरत भी नहीं: वही पट्टी उसकी अपनी पुकारों की है, वह 'टो-के' जो इतनी तेज़ है कि कई कमरों की दूरी से सुनाई देती है। अपनी ही आवाज़ के नाप पर बने कान।
हर्ट्ज़ (Hz)
वह कौन-सी आवाज़ें सुनता है
हर्ट्ज़ गिनते हैं कि कोई आवाज़ एक सेकंड में कितनी बार कँपती है। कम कंपन = नीची आवाज़ (बादल की गड़गड़ाहट, लगभग 30 Hz)। ज़्यादा कंपन = ऊँची आवाज़ (माइक्रोवेव की बीप, लगभग 3,000 Hz)। और '1 kHz' बस 1,000 Hz कहने का छोटा तरीका है। आप मोटे तौर पर 20 Hz से 20,000 Hz तक सुनते हैं।
नीची आवाज़ गड़गड़ाती है (बादल की गरज सोचिए), ऊँची आवाज़ चीख़ती है (मच्छर सोचिए)। ये तीन आँकड़े बताते हैं कि यह जानवर नीचे कहाँ तक जाता है, ऊपर कहाँ तक जाता है, और किस ऊँचाई को सबसे साफ़ सुनता है।
| सबसे नीची आवाज़ | 100 Hz |
|---|---|
| सबसे ऊँची आवाज़ | 5 kHz |
| सबसे साफ़ आवाज़ | 1 kHz |
| आपको जो सुनाई देता है | 20 Hz – 20 kHz |
आपके कान बनाम छिपकली (गेको) के कान
बदले में जो ऊँची आवाज़ें आप सुनते हैं, वे उससे छूट जाती हैं: लगभग 5 kHz से ऊपर उसके लिए कुछ बचता ही नहीं।
ऑडियोग्राम
| हर्ट्ज़ (Hz) | श्रवण सीमा |
|---|---|
| 100 Hz | 55 dB |
| 200 Hz | 40 dB |
| 400 Hz | 25 dB |
| 600 Hz | 15 dB |
| 800 Hz | 10 dB |
| 1 kHz | 8 dB |
| 1.6 kHz | 12 dB |
| 2 kHz | 20 dB |
| 3 kHz | 35 dB |
| 4 kHz | 52 dB |
| 5 kHz | 66 dB |
Airborne thresholds (dB re 20 µPa) from neurophysiological data; the Tokay is among the most sensitive lizard ears, best ~0.6–2 kHz.
क्या छिपकली (गेको) वह सुन सकता है जो आप नहीं सुन सकते?
छिपकली (गेको) 100 Hz (सबसे नीची) से 5 kHz (सबसे ऊँची) तक सब पकड़ लेता है, और 1 kHz के आसपास सबसे साफ़ सुनता है।
बदले में जो ऊँची आवाज़ें आप सुनते हैं, वे उससे छूट जाती हैं: लगभग 5 kHz से ऊपर उसके लिए कुछ बचता ही नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छिपकली (गेको) को कौन-सी आवाज़ें सुनाई देती हैं?
छिपकली (गेको) 100 Hz (सबसे नीची) से 5 kHz (सबसे ऊँची) तक सब पकड़ लेता है, और 1 kHz के आसपास सबसे साफ़ सुनता है।
क्या छिपकली (गेको) वह सुन सकता है जो आप नहीं सुन सकते?
बदले में जो ऊँची आवाज़ें आप सुनते हैं, वे उससे छूट जाती हैं: लगभग 5 kHz से ऊपर उसके लिए कुछ बचता ही नहीं।
Animal Ears किसी आवाज़ को छिपकली (गेको) जैसी कैसे बना देता है?
वैज्ञानिकों ने एक-एक ऊँचाई पर नापा है कि छिपकली (गेको) को हर आवाज़ कितनी धीमी होने पर सुनाई देने लगती है। हम उस वक्र को लेकर आपकी रिकॉर्डिंग पर एक विशाल इक्वलाइज़र की तरह लगाते हैं: जिन ऊँचाइयों को वह जानवर बख़ूबी सुनता है उन्हें ऊँचा करते हैं, और जो उसके लिए हैं ही नहीं उन्हें घटा देते या हटा देते हैं। नतीजा उसके अनुभव के क़रीब पहुँचता है... लेकिन पहुँचेगा फिर भी आपके ही कानों तक।
हर्ट्ज़ (Hz)
हर्ट्ज़ गिनते हैं कि कोई आवाज़ एक सेकंड में कितनी बार कँपती है। कम कंपन = नीची आवाज़ (बादल की गड़गड़ाहट, लगभग 30 Hz)। ज़्यादा कंपन = ऊँची आवाज़ (माइक्रोवेव की बीप, लगभग 3,000 Hz)। और '1 kHz' बस 1,000 Hz कहने का छोटा तरीका है। आप मोटे तौर पर 20 Hz से 20,000 Hz तक सुनते हैं।
ये आँकड़े कहाँ से आए
- Sams-Dodd, F. & Capranica, R.R. (1994). Representation of acoustic signals in the eighth nerve of the Tokay gecko. Hearing Research, 76, 16–30. doi:10.1016/0378-5955(94)90083-3
- Manley, G.A. (2002). Evolution of the hearing organ of lizards. J. Neurobiol., 53, 202–211. doi:10.1002/neu.10115
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